Skip to main content

Posts

Showing posts from June, 2019

अब तुम भी छोड़ कर जा रहे हो ।

हम जब मिले तो एक अलग दुनिया बनाई थी
मिल कर हमने कुछ कहानी रचाई थी
मुझे तुम्हारी जरूरत है, तुम दिल दुखा रहे हो
अब तुम भी छोड़ कर जा रहे हो।

तुमसे मिला तो सोच बदली
हालत बदले तो, किस्मत सी बदली
आंसुओं की बरसात भी, मुस्कुराहट में बदली
तुम खुद ही क्यों मुझको रुला रहे हो
अब तुम भी छोड़ कर जा रहे हो।

कोयला सा था मैं हीरा तुमने बनाया
मुझे कुछ नहीं था आता तुमने मुझे सिखाया
क्रान्ति लिखनी है हम दोनों को, क्यों तुम पीछा छुड़ा रहे हो
अब तुम भी छोड़ कर जा रहे हो ।।

एक अजीब दास्तान (4)

उसके इंतज़ार में मेरा एक-एक दिन एक साल जैसा बीत रहा था। ना कुछ खाने का मन करता था और ना ही कुछ करने का मेरा पूरा दिन खेतों ही बीतता था। दिन बीते महीने बीते उसके आने का वक्त हो गया था और मेरी उत्सुकता बढ़ती जा रही थी।
 फिर वो आगयी फिर कुछ बाद मैं उससे मिला तो वो मुझे देख कर बहुत खुश हुई और उससे ज्यादा मैं खुश था।
अगले दिन सुबह वो आई स्कूल और मैं देरी से गया था उसने मेरे लिए जगह रखी और कहने लगी तू जल्दी आया कर मुझे तुझसे बहुत सारी बातें करनी होती है। मैं फिर स्कूल जल्दी जाने लगा और फिर वही बहुत सारी बातें। ऐसे ही पूरा साल बीत गया परीक्षा खतम हुई। हम दोनों पास हो मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले आए और वो वही रह गयी।

क्या तेरा टाइम आएगा

क्या तेरा टाइम आएगा

उदास रहता है हर पल

तू क्या किसी को समझाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।



खुशी से तेरा कोई नाता नहीं

दिल तोड़ना तुझे आता नहीं

तू कब खुद की सुन पाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।



सपने तेरे बड़े हैं बहुत

तेरे जैसे लोग भी हैं बहुत

इन सपनों का तू कुछ कर पाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।


मोहब्बत मिली तो, खुशियाँ भी मिली थीं

छूट गई राह में वो भी कहीं

क्या उसके जाने की वजह भी जान पाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।।