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थकना नहीं है मुझको, अभी बहुत काम करने हैं।


ज़िंदगी में मुझको घबराना नहीं है
मुश्किलों से मुझको डर जाना नहीं है
कामयाबी के कुछ पल, अपने नाम करने हैं
थकना नहीं है मुझको, अभी बहुत काम करने हैं।




देखी है गरीबी और सुनी है लोगों की भी
करते हैं सभी मेहनत, करनी है अब मुझे भी
जिन्होने मुझे सराहा, उनके भी नाम करने हैं
थकना नहीं है मुझको, अभी बहुत काम करने हैं।




देखता हूँ मैं कुछ सपने, अक्सर ही जाग-जाग कर
21 वर्ष का हो गया, सपनों के पीछे भाग-भाग कर
वो सारे सपने मुझको, सरेआम करने हैं
थकना नहीं है मुझको, अभी बहुत काम करने हैं।

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सुनो तुम्‍हारी याद आ रही है।

सुनो तुम्हारी याद आ रही है
याद के साथ तुम भी आजाओ ना

दिल ये मेरा अब मेरी सुनता नहीं है
हर वक्त तुमसे मिलने को कहता है
इस पागल दिल को तुम ही समझाओ ना
सुनो तुम्हारी याद आ रही है
याद के साथ तुम भी आजाओ ना

जब से तुमसे मिला हू
खुद से तुम्हारी बातें करता हूं
ये प्यार है या पागलपन, इस गलत फैमी को
तुम्ही आके मिटाओ ना
सुनो तुम्हारी याद आ रही है
याद के साथ तुम भी आजाओ ना

तुम बहुत प्यारी हो
और मैं कुछ नासमझ सा हू
अपनी समझदारी के गुण मुझको भी सिखलाओ ना
सुनो तुम्हारी याद आ रही है
याद के साथ तुम भी आजाओ ना

सब pk कह कर बुलाते हैं मुझे
तुम कभी पीछे से 'पुनीत' कह कर बुलाओ ना
सुनो तुम्हारी याद आ रही है
याद के साथ तुम भी आजाओ ना







बड़ी मासूम सी थी वो, जब स्कूल जाया करती थी।

बड़ी मासूम सी थी वो, जब  स्कूल जाया करती थी

जब मैं देखता था उसको, वो मुस्कुराया करती थी

बात नहीं होती थी मेरी, फिर भी आँखों ही आँखों में सब बताया करती थी

बड़ी मासूम सी थी वो, जब स्कूल जाया करती थी।





धीरे-धीरे चलती थी वो, जब मैं देख लेता था

जाना चाहता था पास उसके, फिर भी खुद को रोक लेता था

धड़कन ठहर जाती थी मेरी, जब वो अक्सर मेरे खांसने पर पलट जाया करती थी

बड़ी मासूम सी थी वो, जब स्कूल जाया करती थी।





सोचता था मैं, जब बात उससे होगी

क्या बोलूंगा उससे, क्या वो मुझे समझेगी

बहुत पास थी वो मेरे दिल के, मेरी धड़कन बताया करती थी

बड़ी मासूम सी थी वो, जब स्कूल जाया करती थी।



क्या तेरा टाइम आएगा

क्या तेरा टाइम आएगा

उदास रहता है हर पल

तू क्या किसी को समझाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।



खुशी से तेरा कोई नाता नहीं

दिल तोड़ना तुझे आता नहीं

तू कब खुद की सुन पाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।



सपने तेरे बड़े हैं बहुत

तेरे जैसे लोग भी हैं बहुत

इन सपनों का तू कुछ कर पाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।


मोहब्बत मिली तो, खुशियाँ भी मिली थीं

छूट गई राह में वो भी कहीं

क्या उसके जाने की वजह भी जान पाएगा

सोचता रहता है तू

क्या तेरा टाइम आएगा।।