एक अधूरी सी मुलाक़ात

एक अधूरी सी मुलाक़ात


याद बन कर रहेगी मेरे दिल, में वो तुम्हारी हर बात
बहुत कुछ पढ़ लिया मैंने तुम्हारे चेहरे से
कुछ परेशानियां और बहुत सारे सवालात।
बहुत कुछ कहना है तुमसे, लेकर अपने हाथों में तुम्हारा हाथ
इसे तुम मिलन ना समझना
ये तो है 'एक अधूरी सी मुलाक़ात'।।



मेरी जिंदगी बंजर जमीन जैसी है
तुम जो आई हो तो लगता है, अब होगी बरसात
आज तक किसी से कह ना सका, तुमसे कहूँगा मेरे दिल की हर बात।
इसे तुम मिलन ना समझना
ये तो है 'एक अधूरी सी मुलाक़ात'।।



तुम जब मुस्कुराती हो तो पूरी कायनात खिलती है
तुम्हें मुस्कुराते देख, मुझे एक अलग सी खुशी मिलती है
खोया रहता हूँ मैं, कभी तुम्हारे ख्वाब कभी ख़यालात।
इसे तुम मिलन ना समझना
ये तो है 'एक अधूरी सी मुलाक़ात'।।

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