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Saturday, June 27, 2020

Poem on Father and daughter relation, strength and inspiration - "पिता-(Father's)"

“पिता”

पिता हमारी आस और विश्वास हैं, परिवार के जीने का सहारा हैं। पिता संघर्ष की मूरत हैं, कठिनाइयों का जीता-जागता उदाहरण हैं। पिता से पहचान है, पिता मान-सम्मान और अभिमान हैं।

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माँ के बिना घर सूना हो जाता है, तो पिता के बिना ज़िंदगी अधूरी हो जाती है। माँ परछाई हैं, तो पिता पेड़ की छाँव हैं। माँ नया जीवन देती हैं, तो पिता उस जीवन को सँवारते हैं, अपनी मेहनत और खून-पसीने से उसे नई पहचान देते हैं।

पिता वह होते हैं जो पूरे घर का बोझ अपने कंधों पर उठाए चलते हैं। पिता वह हैं जो अपने आँसुओं को दिल में छुपाए रखते हैं। पिता वह हैं जो खेतों में भूखे-प्यासे रहकर, कड़ी धूप में मेहनत कर परिवार को भूख से बचाते हैं।

पिता एक समुद्र की गहराई हैं, जिसमें उनके दुखों को ढूँढ पाना कठिन है। पिता एक खुला आसमान हैं, जहाँ बच्चे उड़ान भरते हैं और सुकून की साँस लेते हैं।

पिता से ही घर और परिवार है, पिता से ही हम और आप हैं।

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